पानी की पाइपलाइन कहाँ रिस रही है, खराबी की पहचान किस उपकरण से होगी और मरम्मत का रिकॉर्ड कैसे रखा जाएगा—भोपाल और इंदौर की 66 महिलाओं के प्रशिक्षण में ये सवाल शामिल हैं। मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग की 6 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार अमृत मित्र पायलट के पहले चरण में इंदौर की 30 और भोपाल की 36 महिलाएँ चुनी गईं।
इंदौर में प्रशिक्षण 29 जुलाई और भोपाल में 6 अगस्त से शुरू होने की जानकारी दी गई। दोनों शहरों के शासकीय संभागीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्लंबर ट्रेड के तहत यह प्रशिक्षण रखा गया है। प्रतिभागी स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं।
पाइप जोड़ने से आगे का पाठ्यक्रम
प्रशिक्षण में जल वितरण प्रणाली की बनावट, अलग-अलग रिसाव की पहचान, लीकेज डिटेक्शन उपकरण, पाइपलाइन की मरम्मत और सुरक्षा मानक शामिल हैं। गुणवत्ता नियंत्रण और फील्ड दस्तावेजीकरण भी पढ़ाए जाने वाले विषय हैं। यानी खराबी ठीक करने के साथ उसे पहचानना और काम का ब्यौरा रखना भी कौशल का हिस्सा है।
अमृत मित्रों की नई तकनीकी भूमिका
विभाग के अनुसार राज्य की 482 अमृत 2.0 परियोजनाओं में समूहों की महिलाएँ जल गुणवत्ता परीक्षण, पार्क रखरखाव और पौधरोपण जैसे कामों से जुड़ी थीं। नया पायलट पानी के वितरण नेटवर्क में तकनीकी काम की तैयारी से संबंधित है।
विज्ञप्ति प्रशिक्षण शुरू होने की जानकारी देती है। इसमें नियुक्ति, मानदेय या प्रशिक्षण के बाद पूरे किए गए मरम्मत कार्यों का ब्यौरा नहीं है। इसलिए 66 का आँकड़ा प्रशिक्षण के लिए चुनी गई महिलाओं का है।
मुख्य बातें
- इंदौर में 29 जुलाई और भोपाल में 6 अगस्त 2026 से प्रशिक्षण शुरू होने की जानकारी दी गई।
- दोनों शहरों के शासकीय संभागीय ITI में प्लंबर ट्रेड के तहत प्रशिक्षण है।
- 66 महिलाओं का चयन प्रशिक्षण के लिए है; इसे नौकरी मिलने का आँकड़ा नहीं समझें।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



