गत 25 अगस्त से एनआरसी श्योपुर में भर्ती बालक को बेहतर उपचार के लिए अब एम्स भोपाल में शिफ्ट कराया गया है। कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा द्वारा एम्स भोपाल के प्रबंधन से इस संबंध में चर्चा करने के बाद बालक की सकुशल शिफ्टिंग के निर्देश स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दिये गये थे।
उक्त निर्देशो के क्रम में लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य दल की निगरानी में बालक को एम्स भोपाल में बेहतर उपचार के लिए शिफ्ट किया गया है। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा बालक को बेहतर उपचार के लिए भोपाल ले जाने हेतु परिजनों को समझाइश के बाद शिफ्ट कराने की प्रक्रिया की गई।
उल्लेखनीय है कि एन.आर.सी. में भर्ती बच्चा कान्हा आदिवासी पिता श्री मंगल आदिवासी को महिला बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य लाभ के लिए एनआरसी श्योपुर लाया गया था, चिकित्सको की टीम द्वारा बालक का गत 25 अगस्त से एनआरसी प्रोटोकॉल अनुसार उपचार किया जा रहा था, लेकिन बालक का वजन नही बढने से चिकित्सकीय टीम द्वारा जांच एवं परीक्षण में बालक को किसी प्रकार की जन्मजात मेटाबोलिक विकृति होने की संभावना व्यक्त की गई तथा उच्च मेडिकल संस्थान में परीक्षण के लिए परामर्श दिया गया।
इसके उपरांत महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा बालक के परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें एम्स भोपाल ले जाने के लिए तैयार किया गया। इस संबंध में कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा द्वारा एम्स भोपाल के प्रबंधन से चर्चा की गई तथा बालक के समुचित उपचार की अपेक्षा के साथ महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बालक को एम्स भोपाल शिफ्ट करने के निर्देश दिये गये थे।
इसी क्रम में गत दिवस जिला चिकित्सालय श्योपुर से बालक को लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के माध्यम से नर्सिग स्टॉफ की निगरानी में भोपाल ले जाया गया और बालक को एम्स भोपाल में बेहतर इलाज के लिए भर्ती करा दिया गया है। बालक के परिजनों के साथ सहायता के लिए संबंधित आंगनबाडी कार्यकर्ता को भी भेजा गया है।




