कटनी (28 सितंबर) - विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा आत्मनिर्भर, स्वावलंबी एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय आर.के. गौतम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुरवारी में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत कृषि विषय का अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राचार्य श्री संघ रत्न भेलावे के मार्गदर्शन में जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को रासायनिक एवं जैविक खेती में अंतर, जैविक खेती के लाभ तथा रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। बताया गया कि जैविक खादों में फसलों के लिए आवश्यक विभिन्न पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं।

विद्यार्थियों को कम लागत तकनीक एवं जीरो बजट फार्मिंग के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने के तरीकों से अवगत कराया गया।विद्यार्थियों को फसलों के लिए आवश्यक 17 पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए उनके वर्गीकरण के बारे में विस्तार से बताया गया। इसमें हवा एवं पानी से मिलने वाले पोषक तत्वों के साथ मुख्य पोषक तत्व, द्वितीयक पोषक तत्व एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की भूमिका समझाई गई।

प्रशिक्षण में फसलों में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कीट एवं रोगों तथा उनके जैविक नियंत्रण के उपाय बताए गए। विद्यार्थियों को काटने वाले, कुतरने वाले, रस चूसक एवं फल छेदक कीटों की पहचान और उनसे फसलों को होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। जैविक खेती में गोबर एवं गोमूत्र के उपयोग, देशी गाय के गोमूत्र से बीज उपचार, जैविक कीटनाशक, शीघ्र खाद एवं पौध पोषण में इनके उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कम लागत में पर्यावरण अनुकूल खेती की तकनीकों से परिचित कर उन्हें भविष्य में स्वरोजगार के लिए तैयार करना रहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में व्यावसायिक शिक्षक महेंद्र दोहरे ने सहयोग प्रदान किया।