कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए निर्धारित वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। ईपीएफओ, क्षेत्रीय कार्यालय, जोधपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, प्रथम एवं प्रभारी अधिकारी डॉ. अजय सिंह चौधरी ने बताया कि नई वेतन सीमा 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है। इस निर्णय से देशभर में 51 लाख से अधिक अतिरिक्त पात्र कर्मचारी ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आएंगे।
डॉ. अजय सिंह चौधरी ने बताया कि संशोधित व्यवस्था के तहत ₹15,000 से अधिक और ₹25,000 तक मासिक वेतन प्राप्त करने वाले ऐसे पात्र कर्मचारी, जो केवल निर्धारित वेतन सीमा के कारण अनिवार्य ईपीएफओ कवरेज से बाहर रह जाते थे, अब सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) तथा कर्मचारी जमा सहबद्ध बीमा योजना (ईडीएलआई) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा। इससे कर्मचारियों के लिए नियमित बचत, पेंशन सुरक्षा और बीमा सुरक्षा का दायरा भी व्यापक होगा।
डॉ. चौधरी ने कहा कि वेतन सीमा में वृद्धि से सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने के साथ-साथ औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी। इससे अधिक संख्या में कर्मचारियों को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने नियोक्ताओं से संशोधित वेतन सीमा के अनुरूप आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ईसीआर) दाखिल करने का आग्रह किया।
नई व्यवस्था से राजस्थान में भी ईपीएफओ के अंतर्गत पंजीकृत कर्मियों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। वेतन सीमा में यह वृद्धि वर्तमान वेतन स्तरों के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





